8 सितंबर 2016 - 18:03
अमेरिका ने की सऊदी अरब से 115 अरब डॉलर के हथियार देने की पेशकश।

रोइटर्ज़ ने एक ख़ुफ़िया दस्तावेज के हवाले से रिपोर्ट दी है कि यह प्रस्ताव अमेरिका की ओर से सऊदी अरब को हथियार बेचने की सबसे बड़ी पेशकश है और पिछले 71 वर्षों में अमेरिका ने यह सबसे बड़ी पेशकश की है। हथियारों की खरीद में सैनिकों को प्रशिक्षण देना भी शामिल होता है।............

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: रोइटर्ज़ ने एक ख़ुफ़िया दस्तावेज के हवाले से रिपोर्ट दी है कि यह प्रस्ताव अमेरिका की ओर से सऊदी अरब को हथियार बेचने की सबसे बड़ी पेशकश है और पिछले 71 वर्षों में अमेरिका ने यह सबसे बड़ी पेशकश की है। हथियारों की खरीद में सैनिकों को प्रशिक्षण देना भी शामिल होता है।
अमेरिका के इंटरनेशनल पालीटिक सेंटर से विलियम हारटिंग ने यह रिपोर्ट तैयार की है उसमें 42 अलग अलग समझौतों की बात कही गई है जिसमें असली समझौता सऊदी अरब को नहीं भेजा गया है। हारटिंग ने रोइटर्ज़ को बताया कि यह रिपोर्ट आठ सितंबर को प्रकाशित होगी। हारटिंग की रिपोर्ट का आधार, अमेरिका की सुरक्षा और रक्षा सहयोग एजेंसी द्वारा उपलब्ध जानकारी है।
रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार 2009 में जब से राष्ट्रपति ओबामा ने सत्ता संभाली है अमेरिका ने सऊदी अरब को हर तरह के हथियार बेचने की पेशकश की है, उनमें हल्के हथियारों से लेकर टैंक, गनशिप हेलिकॉप्टर जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल, नौसेना युद्धपोतों की रक्षा के लिए मिसाइल आदि शामिल हैं।
वाशिंगटन ने सऊदी अरब की सेना को इन हथियारों के चलाने और उनकी देखभाल का प्रशिक्षण भी देने की बात की है। हारटिंग ने कहा कि अब समय आ गया है कि ओबामा प्रशासन के पास अच्छा मौका है कि अमेरिका से सऊदी अरब के सैन्य और राजनीतिक सम्बंध से यमन युद्ध में लाभ उठाए।
गौरतलब है कि ओबामा प्रशासन ने घोषणा की है कि उसने सऊदी अरब के हाथों एक अरब डॉलर पन्द्रह करोड़ के हथियार बेचे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने वाशिंगटन में विरोध प्रदर्शन करके अमेरिका की ओर से सऊदी अरब के लिए हथियारों की बिक्री की निंदा की है।